झर-झर नभ से गिरता पानी अनिल में है नई रवानी झर-झर नभ से गिरता पानी अनिल में है नई रवानी
कुम्हार जीवन बड़ा है व्याकुल। सबेर सांझ कर मेहनत करूं निश दिन। कुम्हार जीवन बड़ा है व्याकुल। सबेर सांझ कर मेहनत करूं निश दिन।
देखो, हो रई हैं, वर्षा की विदाई। नीलिमा जा छाई,शरद ऋतु आई रे। देखो, हो रई हैं, वर्षा की विदाई। नीलिमा जा छाई,शरद ऋतु आई रे।
सींचकर बढ़े जिसे भाईचारा। धुले मन की दुर्गूण मैल सारा।। सींचकर बढ़े जिसे भाईचारा। धुले मन की दुर्गूण मैल सारा।।
निस दिन नैना राह निहारें, दिन अश्रु से बहते जाऐं मन की हिलोरें तुम्हें पुकारें घड़ी-घड़ी ये उठती जाऐं निस दिन नैना राह निहारें, दिन अश्रु से बहते जाऐं मन की हिलोरें तुम्हें पुकारें घ...
विभावरी में खिली कोंपल देख आसमान को, मुस्कुरा रही थी; विभावरी में खिली कोंपल देख आसमान को, मुस्कुरा रही थी;